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Showing posts from October, 2022

इको फ्रेंडली रंगोली - फुल, पत्ते लकड़े का वेस्ट और स्टोन पाउडर कलर की रंगोली

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इको फ्रेंडली रंगोली आज मैंने जो रंगोली बनाई है उसके कलर फुल, पत्ते लकड़े का वेस्ट और स्टोन पाउडर से बनाया हुआ है। यह सब कलर मैंने खुद बनाया है। वुडन कलर- वुडन वेस्ट से पीला कलर - गेंदा फूल से केसरी कलर- पलाश के फूल से सफेद कलर- स्टोन पाउडर से गुलाबी कलर -देसी गुलाब की पत्ती से हरा कलर- पत्ते के पाउडर से लाल कलर- हर्बल गुलाल और रेत काला कलर - चारकोल और रेत से राई जब आपको रंगोली की जरूरत नहीं रहे तब आप सब कलर कोई गमले या गार्डन में डाल दीजिए यह अच्छे खाद का काम करेगी। उमेश सोन्डागर  (योग शिक्षक, गिलोय प्रचारक) प्रमुख, पर्यावरण विभाग  विद्या भारती पूर्व कच्छ - गुजरात M-9726792900

स्टूडेंट के लिए सस्ती कीमत और उच्च गुणवत्ता वाले सामान के लिए वीडियो

स्टूडेंट के लिए सस्ती कीमत और उच्च गुणवत्ता वाला कागज चिपकाने वाला लिक्विड कौन सा ले इस पर मैंने एक वीडियो बनाया है। उमेश सोंडागर प्रमुख,  विद्याभारती पर्यावरण विभाग - पूर्व कच्छ गुजरात प्रांत  વિદ્યા ભારતી પૂર્વ કચ્છ વિભાગના વિદ્યાલયના વાલીઓને વિદ્યાર્થીઓ માટે ચીજવસ્તુઓ ચોંટાડવા માટે સસ્તી કિંમતે અને ઉચ્ચ ગુણવત્તાની સામગ્રી માટે મળી શકે તે માટે મેં એક વિડીયો બનાવ્યો છે. ઉમેશ સોંડાગર પ્રમુખ, વિદ્યાભારતી પર્યાવરણ વિભાગ  પૂર્વ કચ્છ  वीडियो देखने के क्लिक करें

शरद पूर्णिमा की खड़ी शक्कर का स्वास्थ्य महत्व

09.10.2022 को शरद पूर्णिमा है। उस दिन खड़ी शक्कर यानी कि ROCK SUGAR को आप पूरी रात चंद्रमा की चांदनी में रखे,और उसको पूरे साल उपयोग करे।  ये खड़ी शक्कर का छोटा टुकड़ा मुंह में रखकर चूसने से आपको पित, एसिडिटी, शरीर के जलन, गर्मी,मानसिक असंतुलन, टेन्शन और मन की शांति के लिए बहुत फायदा करेगा। गर्मी में आप शरबत मे खड़ी शक्कर का उपयोग कर सकते हैं, जिससे शरीर को ठंडक मिलती है।  शरद पूर्णिमा की खीर दिल के और फेफड़े के मरीज़ों, पित, एसीडीटी लिए भी काफी फायदेमंद होती है. इसे खाने से श्वांस संबंधी बीमारी भी दूर होती हैं. शरद पूर्णिमा के दिन चांदनी में बैठने से सुंदरतामे निखार आता है। शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपनी संपूर्ण 16 कलाओं से परिपूर्ण रहता है, चंद्रमा की घटती और बढ़ती अवस्था से ही मानसिक और शारीरिक उतार-चढ़ाव आते हैं। अमावस्या और पूर्णिमा को चन्द्रमा के विशेष प्रभाव से समुद्र में ज्वार-भाटा आता है। जब चन्द्रमा इतने बड़े  समुद्र में उथल-पुथल कर सकता है तो हमारे शरीर के जलीय अंश, सप्तधातुएं और सप्त रंग पर भी चंद्रमा का विशेष सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। Umesh Sondagar (Yog shi...

किस प्रकार की मिट्टी किस प्रकार के धान के लिए अनुकूल होगी

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किस प्रकार की मिट्टी किस प्रकार के धान के लिए अनुकूल होगी। What type of soil would be suitable for what type of crop. 1.जलोढ़ मिट्टी (Alluvial Soil) में होने वाली फसलें यह मीठी हल्के पीले कलर की होती है और थोड़ी चिकनी होती है मिट्टी को नदियों के किनारे, बाढ़ के मैदान और डेल्टास में पाएंगे। जलोढ़ मिट्टी पोटाश में समृद्ध होता है लेकिन इसमें फास्फोरस की कमी होती है।  जलोढ़ मिट्टी पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और गुजरात के उत्तरी भागों में पाई जाती है। तंबाकू, कपास, चावल, गेहूं, बाजरा, ज्वार, मटर, लोबिया, काबुली चना, काला चना, हरा चना, सोयाबीन, मूंगफली, सरसों, तिल, जूट, मक्का, तिलहन फसलें, सब्ज़ियों और फलों की खेती इस मिट्टी में होती है। 2.काली मिट्टी (Black Soil) इस मिट्टी में होने वाली मुख्य फसल कपास है लेकिन इसके अलावा गन्ना, गेहूं, ज्वार, सूरजमुखी, अनाज की फसलें, चावल, खट्टे फल, सब्ज़ियां, तंबाखू, मूंगफली, अलसी, बाजरा व तिलहनी फसलें होती हैं। काली मिट्टी चूना, लोहा, मैग्नीशियम और एल्युमिनियम से समृद्ध होता है। काली मिट्टी गुजरात, महा...