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सीड बोल प्लांटेशन

सीड बोल प्लांटेशन एक बहुत अच्छा और आसान तरीका है लेकिन उसके कुछ लिमिटेशन भी है, तो आज इसके बारे में जानकारी देने के लिए पोस्ट बना रहा हूं। *सीड बाल प्लांटेशन कहां सक्सेस है?* वर्षा वन हो, गाढ जंगल हो, जहां धुप पेड़ के पत्तों में से हल्की-हल्की जमीन पर आ रही हो, जहां ज्यादा आना जाना ना हो। जमीन में और जमीन में पड़े पत्तों में मॉइश्चर डेईली मेंटेन रहता हो वहां सीड बाल सक्सेस है। *ऊपर के क्षेत्र के अलावा अगर आप सीड बोल डालते हैं तो कैसे सक्सेस होगा?* बारिश के बाद हर दूसरे या तीसरे दिन आपको पानी देने जाना पड़ेगा।  जहां बारिश का पानी ज्यादा ठहरता ना हो या ढलान ना हो। आपको ऐसी जगह पसंद करना पड़ेगा जहां ज्यादा लोगों को या जनावर का आना जाना ना हो। जहां निशाचर जानवर का आना जाना ना हो। इस पोस्ट में कोई त्रुटि या सूचन हो तो जरूर हमसे साझा करें। अगर कोई संस्था या व्यक्ति ने सीड बोल प्लांटेशन से अच्छे रिजल्ट मिले हैं तो उसका तरीका हमें जरूर मैसेज करें, ताकि हम सीड बोल प्लांटेशन का असर कारक तरीका सीख सके। भवदीय, औषधि बीज बैंक उमेश सोन्डागर  प्रमुख, पर्यावरण विभाग पूर्व कच्छ - गुजरात प्रांत

अगले 10 साल के लिए किस प्रकार का प्लांटेशन होना चाहिए

अगले 10 साल के लिए किस प्रकार का प्लांटेशन होना चाहिए। प्लांटेशन और प्लांटेशन रिलेटेड एक्टिविटी करने वाले सभी व्यक्ति और संस्था मेरे लिए वंदनीय है, लेकिन अभी जिस तरह का माहौल, ग्लोबल इंपैक्ट, और भविष्य मे जिस तरह से माहौल बनेगा उसके हिसाब से प्लांटेशन में नई सोच के साथ नए कदम उठाना अनिवार्य लग रहा है।  इस विषय में बहुत से फैक्टर है लेकिन आज मैं *प्लांटेशन के लिए पेड़ पौधों का चयन* सब्जेक्ट पर ही आर्टिकल लिख रहा हूं। पेड़ पौधे हो सके उतने देसी लगाने चाहिए, हमारा प्लांटेशन का परपज है हमारी अगली पीढ़ी और हमारी अगली प्रकृति की पीढ़ी जैसे कि पशु पंखी। हाइब्रिड फल, फूल और पते का सेवन पशु और पक्षी करेंगे तो करेंगे तो हम जाने अनजाने में उसकी एक नेचुरल साइकल को डिस्टर्ब कर रहे हैं, जैसे कि आज मनुष्य की हालत है।  अकाल, भारी बारिश, भारी ठंड और भारी गर्मी, और शुष्क जमीन मैं भी खुद को डेवलप कर सके ऐसे पेड़ पौधों का चयन किया जाना चाहिए। प्लांटेशन के बाद लगभग 10% केस में ही उसको एक या दो साल तक मेंटेन किया जाता है। प्लांटेशन का चयन ऐसा होना चाहिए कि अगर अकाल पड़ गया तो कोई गरीब को उसमें से ...

विद्या भारती पर्यावरण विभाग, पूर्व कच्छ - गुजरात प्रांत का मोनसून में प्लांटेशन के लिए बिज डिस्ट्रीब्यूशन प्रकल्प

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विद्या भारती पर्यावरण विभाग, पूर्व कच्छ - गुजरात प्रांत का मोनसून में प्लांटेशन के लिए बिज डिस्ट्रीब्यूशन प्रकल्प लास्ट 6 महीने में अलग-अलग स्थान से कुछ बिज मैंने खुद कलेक्ट किए, और भारत के अलग-अलग क्षेत्र से विशेष ब्रिड बीज अलग-अलग जगह से परचेस किये हे। अंदाजित 250+ प्रकार के दो लाख से ज्यादा बीज का कलेक्शन किया है। फर्स्ट फेस में 100 प्रकार के बिज डिस्ट्रीब्यूशन के लिए रखे हैं। उमेश सोंडागर प्रमुख  पर्यावरण विभाग -पूर्व कच्छ  गुजरात प्रांत M -9726792900 बीज लिस्ट 

विद्या भारती पूर्व कच्छ पर्यावरण विभाग द्वारा पर्यावरण ऑनलाइन “Green Horizon Intiative” वर्कशॉप

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विद्या भारती पूर्व कच्छ पर्यावरण विभाग गुजरात प्रांत द्वारा पर्यावरण के प्रति जागृति और एक्टिविटी मार्गदर्शन मिले इस हेतु से ऑनलाइन “Green Horizon Intiative” वर्कशॉप का आयोजन किया है। यह प्रकल्प अखिल भारतीय स्तर पर किया गया है। अगर आज जागृत नहीं हुए तो हमारी अगली पीढ़ी के लिए कुछ नहीं बचेगा। वर्कशॉप के माध्यम से मां भारती को हरी चुनर ओढाने का हमारा एक छोटा सा प्रयास है। आचार्य, प्रधानाचार्य को बिनती है कि अपने विद्यालय के व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से हर बच्चों तक पहुंचाने का प्रयास करें। उमेश सोंडागर प्रमुख -पर्यावरण विभाग  विद्या भारती- पूर्व कच्छ  गुजरात प्रांत आदिपुर। M - 9726792900 ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए यहां क्लिक करें