अगले 10 साल के लिए किस प्रकार का प्लांटेशन होना चाहिए
अगले 10 साल के लिए किस प्रकार का प्लांटेशन होना चाहिए।
प्लांटेशन और प्लांटेशन रिलेटेड एक्टिविटी करने वाले सभी व्यक्ति और संस्था मेरे लिए वंदनीय है, लेकिन अभी जिस तरह का माहौल, ग्लोबल इंपैक्ट, और भविष्य मे जिस तरह से माहौल बनेगा उसके हिसाब से प्लांटेशन में नई सोच के साथ नए कदम उठाना अनिवार्य लग रहा है।
इस विषय में बहुत से फैक्टर है लेकिन आज मैं *प्लांटेशन के लिए पेड़ पौधों का चयन* सब्जेक्ट पर ही आर्टिकल लिख रहा हूं।
पेड़ पौधे हो सके उतने देसी लगाने चाहिए, हमारा प्लांटेशन का परपज है हमारी अगली पीढ़ी और हमारी अगली प्रकृति की पीढ़ी जैसे कि पशु पंखी। हाइब्रिड फल, फूल और पते का सेवन पशु और पक्षी करेंगे तो करेंगे तो हम जाने अनजाने में उसकी एक नेचुरल साइकल को डिस्टर्ब कर रहे हैं, जैसे कि आज मनुष्य की हालत है।
अकाल, भारी बारिश, भारी ठंड और भारी गर्मी, और शुष्क जमीन मैं भी खुद को डेवलप कर सके ऐसे पेड़ पौधों का चयन किया जाना चाहिए। प्लांटेशन के बाद लगभग 10% केस में ही उसको एक या दो साल तक मेंटेन किया जाता है।
प्लांटेशन का चयन ऐसा होना चाहिए कि अगर अकाल पड़ गया तो कोई गरीब को उसमें से आहार मिले, अगर महामारी आ गई तो उसमें से औषधि मिले। मैंने जितने भी खुद प्लांटेशन किया उसमें यही फॉक्स होता है।
प्लांटेशन करने से पहले थोड़ी जानकारी लेकर प्लांटेशन करें ताकि उसका बेहतर रिजल्ट आपको मिल सके।
प्लांटेशन *सेल्फ रिस्पांसिबिलिटी* के साथ करें, यह संकल्प करके करें कि जब तक वह पेड़ पौधे बड़े ना हो जाए तब तक हम उसका ख्याल रखेंगे।
भारत में अभी सभी जगह पर डेवलपमेंट चल रहा है इसलिए ऐसी जगह पसंद करें कि पेड़ पौधे लंबे समय तक अपने स्थान पर रहे।
इस आर्टिकल में कोई त्रुटि या कोई सुझाव है तो जरूर हमसे साझा करें ताकि हम बेहतर प्लांटेशन का तरीका सीख सके।
औषधि बीज बैंक
उमेश सोंन्डागर
प्रमुख
पर्यावरण विभाग
पूर्व कच्छ - गुजरात प्रांत
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