होली उत्सव में बच्चे खुद नेचुरल कलर कैसे बनाएं इसके लिए “प्राकृतिक होली रंग प्रशिक्षण” प्रकल्प
नमस्कार मेरा नाम उमेश सोन्डागर है, मैं हर साल होली के उत्सव के लिए खुद ही नेचुरल कलर बनाता हूं।
होली के उत्सव के लिए नेचुरल कलर कैसे बनाएं वह हम इस ब्लॉग के माध्यम से सिखाएंगे।
होली के लिए दो टाइप के कलर हम बनाना सीखेंगे
1. पानी से खेलने वाले प्राकृतिक कलर
2. छिड़कने वाले प्राकृतिक कलर
1. पानी में खेलने वाले प्राकृतिक कलर कैसे बनाएं
तीन गुड़हल (જાસુદ) के फूल,
पांच गेंदा (ગલગોટા) के फूल,
दस गुलाब के फूल,
दस पलाश (કેસુડા) के फूल
यह चार प्रकार के फूल को दो दिन धूप में या छांव में सुखाएं। पूरी तरह सूख जाए उसके बाद मिक्सर में पीस लें। एक चम्मच सुखड या चंदन पाउडर अगर मिले तो डाल दे।
यह सब पाउडर को कॉटन के कपड़े में डाल के छोटी गठरी बना ले। रात को एक बाल्टी पानी में यह पाउडर वाली गठरी डाल दे। सुबह इस गठरी को दो-तीन बार निचोड़ ले। तैयार हो गया होली के पानी वाला कलर।
2. छिड़कने वाले प्राकृतिक कलर
चंदन पाउडर और गुलाब की पंखुड़ी को मिक्सर में क्रश करें और गुलाबी रंग तैयार
चंदन या सुखड पाउडर में चुकंदर (બીટ ) का पानी डाल दे मरून कलर तैयार
पेड़ के पत्ते को छांव में सुखा ले और मिक्सर में क्रश करके छान ले, ग्रीन कलर तैयार
पीले कलर के लिए हल्दी
चारकोल को पीस ले और छान ले ब्लैक कलर तैयार
सावधानी: अभिभावकों के मार्गदर्शन में ही यह सब कलर बनाएं। कलर बनाने के बाद उसको स्किन के छोटे से भाग में पहले टेस्ट कर ले कि उसकी कोई साइड इफेक्ट नहीं हो रही है। यह सब नेचुरल ही है लेकिन हर व्यक्ति की शरीर की प्रकृति अलग-अलग होती हैं।
उमेश सोंडागर
प्रमुख
विद्याभारती पर्यावरण विभाग
पूर्व-कच्छ. गुजरात प्रांत
M- 9726792900
E mail - sondagarumesh@gmail.com
मैंने जो कलर बनाए हे उसे कलर के कुछ फोटोग्राफ्स
प्रकल्प वीडियो के लिए नीचे क्लिक करें
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