विद्या भारती पूर्व कच्छ - पर्यावरण विभाग, गुजरात द्वारा वर्ष 2022 -23 मे आयोजित पर्यावरण प्रवृत्ति का वृत:
विद्या भारती पूर्व कच्छ - पर्यावरण विभाग, गुजरात द्वारा वर्ष 2022 -23 में आयोजित पर्यावरण प्रवृत्ति का वृत:
१. श्री सरस्वती विद्या मंदिर,नागलपर. कच्छ- गुजरात में विद्या भारती पूर्व कच्छ विभाग बेठक कार्यक्रम में लुप्त प्रजाति की सहजन का प्लांटेशन, मेरी संशोधित की हुई 5 लेयर प्लांटेशन टेक्निक से खड़ा करके प्लांटेशन किया। देसी बीज से प्लांटेशन का महत्व, प्लांटेशन करने की पद्धति पर सेशन दिया। सभी आचार्य और प्रधानाचार्य को अपने विद्यालय में इस तरह प्लांटेशन करने के लिए सिखाया।
२.विद्या भारती पूर्व कच्छ विभाग में 14 विद्यालय है, हर विद्यालय के लिए मैंने अमृत औषध प्लांटेशन कीट बनाई है जिसके अंदर 50 गिलोय की टहनी, 50 से 60 साल पुराने देसी नीम के पेड़ के अंदाजित 1000 बीज और 1000 राम और श्याम तुलसी के बीज है जो मैं हर विद्यालय के लिए भेट स्वरूप यह किट बनाया।
३.आजादी के 75 साल पूर्ण होने के शुभ अवसर पर 15 अगस्त को विद्या भारती संचालित श्री सरस्वती विद्या मंदिर आदिपुर, कच्छ में 75 गिलोय का नीम के नीचे प्लांटेशन किया। लुप्त प्रजाति की 6 निर्गुंडी, 4 सहजन और 10 देसी नीम का विद्यालय के औषधि बाग में प्लांटेशन किया। अंदाजित 50 से 60 साल पुराने नीम के पेड़ के 750 बीज विद्यार्थी को घर में प्लांटेशन के लिए दिया और विद्यालय के शिक्षकों को अंदाजीत 1000 तुलसी के बीज घर में प्लांटेशन के लिए दिया।
४. विद्या भारती संचालित सरस्वती विद्या मंदिर संघड, कच्छ में 15 अगस्त के शुभ अवसर पर दुर्लभ और लुप्त प्रजाति की 4 सहजन और 75 गिलोय का प्लांटेशन किया। अंदाजित 50 से 60 साल पुराने नीम के पेड़ के 75 बीज विद्यार्थी को घर में प्लांटेशन के लिए दिया। विद्यार्थियों के साथ विद्यालय में औषधि गार्डन का निर्माण।
५. प्रकृति वंदना दिवस के शुभ अवसर पर विद्याभारती द्वारा संचालित श्री सरस्वती विद्या मंदिर गलपादर, कच्छ गुजरात में प्रकृति पूजन में तुलसी के पौधे की पूजा की। प्रकृति वंदना दिवस के उपलक्ष्य में मैंने विद्यालय में औषधि गार्डन बनाया। बीजों से तैयार किए गए 25 दुर्लभ और विलुप्त औषधीय पौधों को विद्यालय में लगाया गया, और हर पौधे की पूजा की।मेरी संशोधित 5 लेयर प्लांटेशन टेक्निक से प्लांटेशन किया गया। विद्यालय को अमृत औषध प्लांटेशन किट भेंट दी। किट मे 50 गिलोय की टहनी, अंदाजीत 50 से 60 साल पुराने नीम के पेड़ के 1000 बीज, लगभग 1000 तुलसी के बीज रोपण के लिए दिए गए।अभिभावकों को को घर पर रोपण के लिए लगभग 50 से 60 साल पुराने 1000 नीम के बीज उपहार में दिए गए। विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यालय में तुलसी का प्लांटेशन किया।
५. पूर्व कच्छ विभाग में 14 विद्यालय हैं तमाम विद्यालय में प्रकृति वंदना दिवस उत्सव के तौर पर मनाया गया। १००% स्थान में प्रकृति वंदना दिवस मनाया गया।
६. 25.12.2022 तुलसी पूजन दिन के शुभ अवसर पर विद्या भारती पूर्व कच्छ विभाग गुजरात के सभी 14 विद्यालय में तुलसी पूजन उत्सव का आयोजन किया गया। १००% स्थान में तुलसी पूजन उत्सव के तौर पर मनाया गया।
७.विद्यालय के अभिभावकों और आदिपुर स्थान के लोगो को ऑर्गेनिक औषधि और गमले में डालने के लिए गौ कृपामृत लिक्विड खाध मिले इस शुभ हेतु से हमने गेहूं के जवारे और गमले में डालने के लिए गो कृपामृत सुपर एक्टिव कंपोस्ट लिक्विड श्री सरस्वती विद्या मंदिर आदिपुर में तैयार किया है।
८.विद्या भारतीय द्वारा संचालित श्रीसरस्वती विद्यामंदिर आदिपुर, कच्छ में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस वसंत पंचमी के पावन अवसर पर सरस्वती पूजन कार्यक्रम उत्साहपूर्ण रहा। गिलोय के 300 टहनी वृक्षारोपण के लिए अभिभावकों और अतिथियों को पेट स्वरूप दिए।
९. श्री सरस्वती विद्यामंदिर- अंतर जाल में गोबर से अगरबत्ती बनाने में 'स्वदेशी से आत्मनिर्भर' का प्रशिक्षण। छात्र द्वारा ९०० अगरबत्ती बनाई गई।
१०. वेकेशन में छात्रों के लिए प्रकृति संस्कार प्रकल्प। छात्र प्लांटेशन टेक्निक, चिड़ियों के लिए घौसला बना सके, प्रकृति संरक्षण और संवर्धन प्रवृत्तियां इस प्रकल्प में हमने सिखाई।
११. 25 दिसंबर यानी तुलसी पूजन दिन। देवी-देवताओं में यदि कोई साक्षात है तो वह माँ तुलसी है और विद्याभारती पूर्वी कच्छ संभाग के 14 विद्यालयों में माँ तुलसी की पूजा का शुभ अवसर उत्सव के रूप में मनाया गया। पूजन कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों में सांस्कृतिक उत्सव की भावना जगाने के उद्देश्य था।
अंजार, आदिपुर, गांधीधाम, कोटडा चकर, अंतरजल, भचाऊ, मुंद्रा, मोटी नागलपार, रतनाल, संघड़, गलपदार, जरपरा, सापेड़ा और भीमासर में प्रधानाचार्य, आचार्य,विद्यार्थियों व अभिभावकों ने तुलसी पूजा की।
14 विद्यालयों के कुल 3500 विद्यार्थियों ने यज्ञ के साथ तुलसी पूजन किया और बच्चों ने अपने माता-पिता के साथ घर पर ही तुलसी पूजन किया।
भचाऊ में विधा भारती पूर्व कच्छ के अध्यक्ष श्री केशुभाई मोरसानिया, उपाध्यक्ष श्री धर्मेशभाई पंड्या प्रधानाचार्य श्री विजय भाई गरवा के कर कमलो से तुलसी पूजन और वृक्षारोपण किया। साथ में आचार्यों ने भी वृक्षारोपण और औषधि प्लांटेशन किया।
पूर्व कच्छ पर्यावरण विभाग के अध्यक्ष उमेशभाई सोन्डागर, मंडल मंत्री कौशिकभाई ठाकर, ट्रस्टी, प्रबंधक और प्राचार्य और विद्यालय के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
उमेश सोंडागर - प्रमुख
भगवानभाई चौधरी - सह प्रमुख
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