Vidhya Bharti Purv Kutch Paryavaran Vibhag Documentory Blog

विद्या भारती पूर्व कच्छ पर्यावरण विभाग- गुजरात की  प्रवृत्ति

प्रकृति वंदना दिन और तुलसी पूजन का कार्यक्रम पूर्व कच्छ विभाग स्थान में 14 विद्यालय है वह तमाम विद्यालय में 100% कार्यक्रम किया गया।

पूर्व कच्छ विभाग में 14 विद्यालय हे, हर विद्यालय के लिए मैंने प्लांटेशन कीट बनाइ जिसमें 50 गिलोय की टहनी, 1000 देसी नीम के बीज और 1000 तुलसी के बीज रखें। 14 विद्यालय को मैंने यह कीट भेट स्वरूप दिया।

श्री सरस्वती विद्या मंदिर -आदीपुर. कच्छ -गुजरात में दुर्लभ और लुप्त औषधियों का औषधि गार्डन कम म्यूजियम का निर्माण।

दिव्य भास्कर वर्तमान पत्र में आर्टिकल
श्री सरस्वती विद्या मंदिर  गल पादर . कच्छ -गुजरात में प्रकृति वंदना दिन के शुभ अवसर पर दुर्लभ और लुप्त औषधियों का औषधि गार्डन कम म्यूजियम का निर्माण।अभिभावकों को प्लांटेशन के लिए गिलोय की टहनी, और औषधि बीज दिए।

इनक्रेडिबल  वर्तमान पत्र में आर्टिकल
श्री सरस्वती विद्या मंदिर आदीपुर . कच्छ -गुजरात में प्रकृति वंदना दिन के शुभ अवसर पर अभिभावकों छात्रा और आचार्यों के साथ समूह पूजन और दुर्लभ औषधियों का प्लांटेशन किया।

गांधीधाम टुडे वर्तमान पत्र में आर्टिकल
श्रीमती एस.डी. धोलु सरस्वती विद्या मंदिर - कोटडा चकार तुलसी पूजन दिन के शुभ अवसर पर अग्निहोत्र यज्ञ के साथ विद्यालय में तुलसी पूजन का कार्यक्रम

कच्छ उदय वर्तमानपत्र में आर्टिकल
15 अगस्त को श्री सरस्वती विद्या मंदिर आदिपुर मैं अभिभावकों को प्लांटेशन के लिए गिलोय की टहनी, और औषधि बीज दिए  और विद्यालय में मेगा प्लांटेशन कार्यक्रम किया।

गांधीधाम टुडे पत्र में आर्टिकल
विद्या भारती पूर्व कच्छ पर्यावरण विभाग, गुजरात का गौषधि प्रकल्प

गौषधि प्रकल्प का ध्येय:

अभिभावकों और उस स्थान के लोगो को ऑर्गेनिक औषधि मिले। आज के समय में शुद्ध और ऑर्गेनिक औषधि मिलती नहीं है तो वह आसानी से विद्यालय से मिले।

गाय आधारित खाद्य का छात्रों,अभिभावकों और किसानों को हमारी प्राचीन और परंपरागत खेती का ज्ञान मिले।

हमारे देसी खाद्य पदार्थों और औषधियों का वैज्ञानिक और स्वास्थ्य फायदा का ज्ञान।

विद्यालय आर्थिक स्वनिर्भर हो।

गौषधि प्रकल्प श्री सरस्वती विद्या मंदिर आदीपुर दीपुर स्थान से हमने चालू किया।
 दुर्लभ और लुप्त सहजन प्रजाति कोयंबत्तूर -2 जो 40 साल पहले लुप्त हो गई थी, उसके बीज और टहनी का  
विद्या भारती पूर्व कच्छ विभाग के 5 विद्यालय में प्लांटेशन किया।
यह  सहजन की प्रजाति औषधि में अति उत्तम मानी गई है। 
उमेश सोंडागर 
(योग शिक्षक, गिलोय प्रचारक)
प्रमुख, 
विद्या भारती - पर्यावरण विभाग 
पूर्व कच्छ- गुजरात
M- 9726792900

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