बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास कैसे करें
बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास कैसे करें
आजकल बच्चों की हालत ऐसी है कि आने जाने के टाइम के साथ 7 घंटे स्कूल में जाते हैं, 2 से 3 घंटे ट्यूशन में जाते हैं फिर म्यूजिक क्लास कराटे क्लास या अन्य कला सीखने में जाते हैं। मां-बाप की ख्वाहिश होती है कि बच्चा पढ़ाई के साथ सब में एक्सपर्ट हो। यही मानसिकता बच्चे को मानसिक और शारीरिक कमजोर बनाती है। आम इंसान 8 घंटे की नौकरी में थक जाता है, और कुछ मां-बाप बच्चों को 12 से 13 घंटा यह सब एक्टिविटीज करवाते हैं।
मैंने बच्चों के स्कूल बैग का सर्वे किया है उसमें एवरेज वजन 8.800 Kg आ रहा है। कभी शांति से सोचिए कि आप अपने बच्चे को कौन सी दिशा में ले जा रहे हैं। बच्चों की यह परिस्थिति देखकर मैंने 3 महीना सर्वे किया है उसके बाद यह आर्टिकल बना रहा हूं।
बच्चों का मानसिक विकास कैसे करें
चैस एक बोर्ड गेम है बच्चों के बोलो हर रोज 15 से 30 मिनट खेलें। इसके अलावा हमारी पुरानी रमत है "नव काकरी"। यह गेम बहुत पुराना है, गुजरात में ज्यादा पहले खेला जाता था। 2 में से कोई भी 1 गेम बच्चे दो महीने तक खेलेंगे उसके बाद अब देखेंगे आपके बच्चों में पॉजिटिव एनर्जी, याद शक्ति बढ़ेगी, उसका व्यवहार पॉजिटिव हो जाएगा, उसकी सोचने की शक्ति बढ़ेगी। यह अनुभव सिद्ध बिना खर्च का आसान इलाज है।
बच्चों को घर से बाहर खेलने के लिए समय दे, मोबाइल देने में कंट्रोल करें। धार्मिक स्थान जहां बच्चों को संस्कार मिलते हैं वहां रेगुलर भेजें। बच्चों की जिद अगर गलत है तो माने नहीं।
बच्चों का शारीरिक विकास कैसे करें
जंक फूड, पैकेट वाले नाश्ते ना दे। सुबह दूध में पिलाने वाले बहुत से पाउडर आ रहे हैं, इसमें से जिसमें औषधि है, भरोसा पात्र है उसका सेवन करें।
सिझनेबल फ्रूट ज्यादा खिलाए। बच्चों का खाने पीने का टाइम फिक्स रखें। चाइनीस फूड ना खिलाए। बच्चा अगर बराबर खाना नहीं खा रहा हो तो 20 पत्ते सहजन ( Moringa) के या एक चम्मच सहजन पत्ते का पाउडर उसे रेगुलर दे। रात को सोते समय गाय का दूध अवश्य पिलाएं।
बच्चों को छोटे-छोटे बीमारी में डॉक्टर के पास ना ले जाए। घर के बुजुर्ग या आसपास के बुजुर्ग की पहले सलाह ले।
उमेश सोन्डागर
(योग शिक्षक)
प्रमुख
विद्या भारती- पर्यावरण विभाग
पुॅव कच्छ - गुजरात प्रांत
M- 9726792900
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