My Reaserch In Plantation Teqnique - Patthar Kuti Plantation

 पत्थर कुटी (पथरचट्टा, भष्मपथरी, पाषाणभेद) प्लांटेशन का आसान तरीका:

पत्थर कुटी के पौधे के पत्ते पथरी के लिए रामबाण इलाज हे, यह हमारे आयुर्वेद के बहुत से महान ग्रंथ में उसका वर्णन है और मैंने पढ़ा भी है।

पत्थर कुटी का पौधा आप बहुत आसानी से अपने घर में गमले, गार्डन या खेत में लगा सकते हैं, पौधा आसानी से कैसे डेवलप हो उस संशोधन हेतु मैंने अपने गमले में 3 प्रकार से लगाए। सभी प्रकार में मुझे सफलता मिली है।

1.पौधे का एक फिट जितना कटिंग लेकर मैंने सीधा गमले में लगाया, 4 ईच जीतनी टहनी मिट्टी के अंदर डाली, 8 दिन बाद उसके अंदर नए पत्ते आना चालू हो गए। (Photo -1)

2. पत्थर कुटि के पत्ते को गमले बिछाकर उसके ऊपर एक ईच जितनी मिट्टी डाल दी। 6 दिन बाद जमीन से पत्ते निकले। ( Photo-2)

3. पत्थर कुटि के पत्ते को आधा मिट्टी के अंदर डाल दिया और आधा ऊपर रखा, 4 दिन बाद उसमें नए पत्ते फुटे। (Photo-3)



उमेश सोन्डागर

 (योग शिक्षक, गिलोय प्रचारक)

प्रमुख 

विद्या भारती  पर्यावरण विभाग

पूर्व कच्छ

आदिपुर. कच्छ -गुजरात ( INDIA)

M- +919726792900

sondagarumesh@gmail.com

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#missiongiloyplantation #मिशनगिलोयप्लान्टेशन


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